Moradabad : दो भाइयों को गोली मारने के 22 दिन बाद भी पुलिस नहीं पकड़ पाई आरोपियों को

हृदयपुर गांव के दो घरों में हुई लूटपाट और दो भाइयों को गोली मारने के 22 दिन बीत गए हैं। अभी इस फ्रीज मामले में पुलिस किसी ठोस नतीजे पर था। नहीं पहुंच सकी है। वैसे कटघर थाना रहने पुलिस ने बदमाशों के मामले में सुराग और मिलने का दावा किया है। उम्मीद जताई काश है कि इस सप्ताह में वह आरोपितों को था। गिरफ्तार कर लेंगे और पूरे घटनाक्रम घर का राजफाश हो जाएगा।

पुलिस का कहना है कि हृदयपुर में में की घटना में चार अभियुक्तों की पुष्टि वाद हुई है। पहचान में आए अपराधियों की या । तलाश में पुलिस संदिग्ध स्थलों पर ‘ले दबिश दे रही है। पुलिस सूत्रों से यह गई भी पता चला है कि बदमाशों ने गांव में मक्ष अबरार और रिजवान के घरों को लक्ष्य र्टम बनाकर घटना को अंजाम दिया था। या पुलिस टीम में लगे कर्मियों का कहना है। है कि घटना की रात कोहरा अधिक था। इसलिए फुटेज में कुछ दिख नहीं बेट रहा है। पुलिसकर्मियों ने बताया कि की मछरिया से मुरादाबाद और मूंढापांडे के बर सुल्तानुपर गांव तक के मार्ग पर दोनों ह तरफ के लगे कैमरों की फुटेज जांची में हैं। पंडित नगला पुलिस चौकी इंचार्ज य संजय कुमार सिंह ने बताया कि हृदयपुर । गांव में घटना करने वाले चार बदमाशों बाकी पहचान हो गई है।

इनकी गिरफ्तारी के लिए वह लोग लगे हैं। उन्होंने बताया कि अबरार – निर्धन है। इसके घर में बदमाश घुसे जरूर थे लेकिन, कुछ पाए नहीं – थे। फिर रिजवान के घर में भी ये बदमाश लूटपाट करने में सफल नहीं हो सके थे। क्योंकि रिजवान व उसका भाई गुलफाम बदमाशों से भिड़ गए थे और उनके गोली भी लग गई थी। इसलिए लुटेरे बिना लूटपाट के ही भाग निकले थे।

गुलफाम और रिजवान को लगी थी गोली

20 जनवरी की रात हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने हृदयपुर में पहले लोडर वाहन चालक अबरार के घर से तमंचे के बल पर उनको और उनकी पत्नी-बेटी को बंधक बनाकर 10,000 रुपये की नकदी और सोने-चांदी के जेवर लूट लिए थे। इसके बाद बदमाशों ने रिजवान के घर में धावा बोला था। इनके यहां सीदी लगाकर घुसे बदमाशों ने पहले उसके भाई गुलफाम और शाहरुख को बंधक बनाया। फिर तमंचे के बल पर मारपीट करते हुए लूटपाट की। पीड़ित पक्ष का कहना है कि लुटेरों ने उनके घर से 40,000 रुपये की नकदी और सोने-चांदी के जेवर समेत करीब 2.5 लाख रुपये का माल लूट लिया था। लूटपाट का विरोध करने पर बदमाशों ने रिजवान और गुलफाम को गोली मार दी थी। गुलफाम को जिला अस्पताल से एक दिन बाद छुट्टी मिल थी, लेकिन रिजवान कई दिन तक टीएमयू में भतीं रहे।

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