मुरादाबाद में पत्नी के हत्यारे को उम्रकैद दहेज के लिए की थी पत्नी की हत्या

अदालत ने दहेज हत्या के मामले में पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारवास की सजा सुनाई है। जबकि एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में तीन अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया है।
मझोला क्षेत्र के गांव गांगन वाली मैनाठेर के रहने वाले लाल सिंह ने 1 दिसंबर 2020 को मझोला थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि उसने अपनी पुत्री मंजू का विवाह 23 जून 2019 को गांव के ही जितेंद्र उर्फ नन्हें पुत्र देवीराम के साथ किया था। लेकिन शादी के कुछ माह बाद ही बेटी के सुसराल वाले जिनमें जेठ धर्मवीर, जेठानी सुनीता, पति जितेंद्र मेरी बेटी को कम दहेज का ताना देते थे और उसके साथ मारपीट करते थे।

जिसकी शिकायत पर जितेंद्र ने अलग मकान किराये पर ले लिया और उसमें रहने लगा था। 30 नवंबर की देर रात मेरे रिश्तेदार गुड्डू का फोन आया। जिसने बताया कि मंजू को बदमाशों ने गोली मार दी है। जितेंद्र ने पूछताछ करने पर बताया कि घर में बदमाश आ गए थे। जिन्होंने मुझे बंधक बना लिया और घर में रखे जेवरात लूट ले गए। विरोध करने पर मंजू को गोली मार दी थी। जिससे उसकी मौत हो गई। लेकिन मुझे शक है कि मेरी बेटी को उसके सुसराल वालों ने मिलकर मारा है।

पुलिस ने छानबीन शुरू की तो पता चला कि जितेंद्र ने अपने मित्र शावेज पुत्र नफीस निवासी करुला, अरविंद पुत्र शिव चरण, रिंकू उर्फ टिंकू पुत्र नरेश निवासीगण पीतल नगरी के साथ मिलकर मंजू की हत्या की है। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने चारों के खिलाफ आरोप पत्र 1 जनवरी 2022 को अदालत में पेश किया था। उक्त मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या सात सियाराम चौरसिया की अदालत में की गई।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले में कुल मिलाकर 13 गवाह अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए जो कि पक्ष विरोधी हो गए। जिनसे अभियोजन की ओर से ही जिरह की गई। अदालत के सामने मात्र जितेंद्र उर्फ नन्हें के खिलाफ ही साक्ष्य प्राप्त हो सके। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर जितेंद्र उर्फ नन्हें को मंजू की हत्या का दोषी पाते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा के साथ उस पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही शेष आरोपी जिनमें शावेज, अरविंद और रिंकू उर्फ टिंकू के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं होने के कारण उन्हें मुकदमे से बरी कर दिया है।

आरोपी पति के पक्ष में ही दी गई गवाही
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले वादी लाल सिंह और उसके गवाहों ने दोषी पाए गए पति जितेंद्र उर्फ नन्हें के पक्ष में गवाही दी थी। जिसके बाद अभियोजन की ओर से उन्होंने गवाहों से जिरह की। जिसके बाद ही कहानी सामने आ पाई अन्यथा एक आरोपी कानून की पकड़ से बाहर हो जाता। उन्होंने बताया कि गवाही देने के बाद एक बार भी मृतका का पिता अदालत में कार्यवाही देखने तक भी नहीं आया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से जाहिर हुआ था पति का नाटक

मुरादाबाद। मंजू की हत्या गला दबा कर की गई थी। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुई थी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र सिंह ने बताया कि दोषी पति ने पुलिस को दिए बयानों में बताया था कि उसके घर में 30 नवंबर की देर रात बदमाश आ गए थे। जिन्होंने उसे बंधक बना लिया था और लूट का विरोध करने पर मंजू को गोली मार दी थी जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मंजू की हत्या गला दबाने की पुष्टि हुई थी।

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